आप नाराज़ क्यू हैं ?
कोई मोदी से नाराज़ है ,कोई केजरीवाल से , कोई राहुल से नाराज़ है , कोई बीजेपी से , कोई कांग्रेस से , कोई वाम से तो कोई आप से (अपने आप से अरविंद वाले आप से नही ) । इस नाराज़गी का आलम देखिये हर कोई एक को छोड़कर बाकि सबसे नाराज़ है ,एक से ही नाराज़ होकर रहेगा तो NOTA दबाना पड़ सकता है| आप सबकी नाराज़गी किसी ना किसी पार्टी को लेकर है , व्यवस्था को लेकर तो बिल्कुल नही है व्यवस्था को लेकर नाराज़ रहते तो इस महान लोकतंत्र के पावन पर्व का बहिकार ना कर देते, लेकिन आप ऐसा कर नही सकते क्योकी आप को भी पता है की ये व्यवस्था भी आपने ही बनाई है |
आप उस समाज का हिस्सा है जो सुबह सड़क पर टट्टी करके दोपहर मे खुद चिल्लाता है किसी ने साफ क्यू नही किया? आप उस सारे अनैतिक कामो पर ताली बजाते है जो आप खुद करना चाहते है , वैसे भी ताली और ग़ाली इन दो कामो के अलावा आपने कुछ सीखा भी तो नही | आप या तो खुद को दिखाए जानेवाले सपनो पर ताली बजा सकते हैं या उन सपनो के पूरा नहीं होने पर गाली दे सकते है । आप उस समाज का हिस्सा है जो भूत और भविष्य मे जीता आया है ,वर्तमान से तो कोई सरोकार ही नही , आप भूतकाल मे विश्वगुरु थे और भविष्य मे सुपर पावर होने जा रहे है , वर्तमान मे क्या है ये तो देखने की फ़ुर्सत कहाँ आपको । है क्या ? आप की नज़र तो भूत और भविष्य का मेल कराने की है |
माफ़ कीजिएगा भाववेश मे कुछ ज़्यादा ही बक गया , मेरा इरादा आपकी भावनाओ को आहत करना नही था । अब भावना की बात आ ही गई तो एक बात और कह ही देता हूँ, यही एक चीज़ है जो आप अपने साथ हमेसा अपने साथ लेकर चलते है अरे जनाब इतनी नाज़ुक चीज़ कही संभाल कर रखिए घर मे कही तिजोरी मे बंद कर के रखिए या कही सरकार से कह कर बैंक ही खुलवा लीजिए , लेकिन आप भी कितने भोले है जो हर किसी को दे देते है इसे आहत करने के लिए | कोई मंदिर के नाम पर, कोई मस्जिद के नाम पर , कोई कश्मीर के नाम पर तो कन्याकुमारी के नाम पर, जाती ,धर्म ,किताब ,सिनेमा ,आचार ,विचार, ख़ान ,पान ,कपड़ा ,लता, लोक ,लाज हर चीज़ से तो आप आहत हो जाते हैं| आप आहत हो यहाँ तक तो ठीक है ,पर जनाब आप अपने साथ आस पास को भी आहत करने लग जाते है | उफ़ ये बात भी कहाँ से कहाँ तक चली आई |
अब बस !
बात तो चुनाव की शुरू हुई थी ये खामखां आपको कोसने मे लग गया , मै तो बस ये जानना चाहता था कि आप अपना चुनाव कैसे करते हैं ? फेसबुक से ?ट्विटर से ? शहर में लगे बड़े बड़े होर्डिंग से ? नेता जी के कहे भाषण से ? अपनी जातीय और धार्मिक कट्टरता से ? विकास के मैनिफेस्टो से ? या फिर कुछ ले दे कर ? कुछ तो जरुर एकदूसरे से अलग करते होंगे वर्ना एक ही पार्टी को देश का बेडा गर्क करने का दोषारोपण करने में आपको ६० साल लग गए । दूसरी जिसके सपनो पर सवार होकर उड़ान भरने वाले थे उसे ५ साल में ही हटा दिया और फिर से पहली को ही ले आये क्योंकि इसबार इसने आपको नए सपने दिखाए । आज फिर से वही रोना । अबकी बारी किसकी है ? इसबार तो आपको सबने आपके समय के हिसाब से सपने दिखाए हैं । कोर्ई राशन दे रहा है, कोई रोजगार , कोई स्मार्ट सिटी,
तो कोई व्यापार, कोई बुलेट ट्रैन तो कोई मुफ्त में खाने का जुगाड़।
किसी ने आपके वर्त्तमान को ठीक करने का दावा तो नहीं किया और आपने भी तो नहीं पूछा , अरे पूछते भी कैसे आप तो वर्त्तमान को देखते ही नहीं हो,आपके उपर तो अपने सुनहरे अत्तीत को अति सुनहरे भविष्य से मिलाने कि जिम्मेवारी है । अगर पूछते तो ये तो जरुर पूछ सकते थे कि "भाई मेरे" मेरे जो शहर है उन्ही को ठीक कर दो पहले, स्मार्ट तो बाद में हो ही जाएंगे । अभी चलने वाली रेलगाड़ी ही सही से चला दो बुलेट कि बाद में देखि जायेगी । मेहनत कि रोटी खाने का मौका दे दो अन्न योजना कि जरुरत किसे है ?
लेकिन एक बात तो है आप जागरूक मतदाता है किसी न किसी के साथ आपका मत तो जुड़ ही चूका है और ऐसा करने से पहले एक बार तो आपने जरुर ही देखा होगा कि जो आपकी अगुवाई करने का दावा कर रहा है उसका मिजाज आपके मिजाज़ से कितना मेल खाता है । नहीं देखा क्या ?
अरे मै तो भूल ही जाता हूँ आप तो सिर्फ भविष्य देखते हो वर्त्तमान से आपका सरोकार कहाँ , आप के ऊपर तो देश के भविष्य कि जिमेदारी दी गई है बेशक आप कल सुबह उठ कर फिर उसी सड़क पर टट्टी करके दोपहर में चिल्लाओगे कि किसी ने साफ़ क्यों नहीं किया । आप अपने अपने इलाके का ही सोच लेते तो देश का कुछ तो भला हो ही जाता ।
फिर भी कही आपको लगे कि अपने नेता जिसे आप वोट देने जा रहे है कम से कम एक बार उसके द्वारा दाखिल प्रमाणपत्र देखना चाहिए तो निचे दिए लिंक पर क्लिक कर के अपना राज्य और अपना क्षेत्र चुन कर नेताजी के नाम पर क्लिक कीजिये देखिये क्या क्या कहा है उन्होंन अपने बारे में, अब जब खुद ही कहा है तो कुछ तो सच जरुर ही होगा ।
http://affidavitarchive.nic.in/DynamicAffidavitDisplay/FrmElectionAffidavit.aspx
इस लेख का किसी पार्टी और पॉलिटिक्स से कोई सरोकार नहीं है इसका मकसद सिर्फ आप को कोसना था
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